साइबर
वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ AI-संचालित लड़ाई को मजबूत
करने के लिए I4C और RBIH के बीच समझौता ज्ञापन
भारतीय
साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C)
और रिजर्व बैंक इनोवेशन
हब (RBIH) ने भारत के बैंकिंग और
डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में साइबर-सक्षम वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने और
म्यूल खातों पर अंकुश लगाने के लिए समन्वय को मजबूत करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौता
ज्ञापन
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यह MoU
सक्रिय धोखाधड़ी पहचान और
रोकथाम तंत्र को मजबूत करने के लिए धोखाधड़ी-जोखिम खुफिया साझाकरण, विश्लेषणात्मक सहायता और परिचालन समन्वय पर केंद्रित है।
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इस समझौते के तहत, I4C अपने ‘सस्पेक्ट रजिस्ट्री’ (Suspect Registry) के माध्यम से संदिग्ध
म्यूल खातों से संबंधित खुफिया जानकारी को बैंकों में तैनात MuleHunter.ai™ जैसे AI-संचालित धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों के साथ साझा
करेगा।
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RBIH
इन डेटासेट्स का उपयोग
संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का जल्द पता लगाने के लिए AI-आधारित धोखाधड़ी-जोखिम मूल्यांकन मॉडल को
प्रशिक्षित करने और सुधारने के लिए करेगा।
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इस सहयोग का उद्देश्य रीयल-टाइम धोखाधड़ी निगरानी को बढ़ाना, वित्तीय धोखाधड़ी से होने वाले नुकसान को कम करना, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय
मजबूत करना और भारत के तेजी से विस्तार करते डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में
विश्वास बढ़ाना है।
भारतीय
साइबर अपराध समन्वय केंद्र
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यह देश भर में समन्वित और व्यापक तरीके से साइबर अपराध से
निपटने के लिए गृह मंत्रालय (MHA)
की एक पहल है।
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I4C
योजना को 5 अक्टूबर 2018 को मंजूरी दी गई थी और 10 जनवरी 2020 को केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह द्वारा इसे राष्ट्र को समर्पित किया गया था।
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यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) के बीच समन्वय सुधारने, भारत के साइबर अपराध प्रतिक्रिया ढांचे को मजबूत करने और
साइबर अपराध शिकायत निवारण में नागरिक संतुष्टि बढ़ाने के लिए काम करता है।
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I4C
राष्ट्रीय साइबर अपराध
रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)
जैसे प्रमुख प्लेटफार्मों
का संचालन करता है और ‘सस्पेक्ट रजिस्ट्री’ जैसे खुफिया डेटाबेस का रखरखाव करता है। इसे 1 जुलाई 2024 से गृह मंत्रालय के एक
संबद्ध कार्यालय के रूप में उन्नत किया गया था।
रिजर्व
बैंक इनोवेशन हब
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रिजर्व बैंक इनोवेशन हब भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण
स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है,
जिसकी स्थापना मार्च 2022 में भारत के वित्तीय क्षेत्र में नवाचार और
डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
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इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है और यह ₹100 करोड़ की प्रारंभिक पूंजी के साथ एक ‘धारा 8’
कंपनी के रूप में कार्य
करता है।
¨ यह वित्तीय समावेशन, सुरक्षित डिजिटल भुगतान और बैंकिंग सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों को विकसित करने, प्रोटोटाइप बनाने और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
¨ RBIH भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए MuleHunter.ai™ सहित AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहा है।